Menu Sidebar Widget Area

This is an example widget to show how the Menu Sidebar Widget Area looks by default. You can add custom widgets from the widgets in the admin.

मतदाताओं की जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर नहीं की जा सकती कोई अपील

वाहनों पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकरों का उपयोग नहीं होना चाहिए

चंडीगढ़, 26 अगस्त।
बिजेंद्र फौजदार.

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हरियाणा विधानसभा आम चुनाव -2024 के लिए उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों के लिए चुनाव के दौरान क्या करना है और क्या नहीं (डूज एंड डॉन्ट) के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक अनुपालन किया जाना आवश्यक है।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री पंकज अग्रवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सभी दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सार्वजनिक स्थानों जैसे मैदान और हेलीपैड निष्पक्ष रूप से उपलब्ध होना चाहिए। चुनाव के दौरान, अन्य राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित रहनी चाहिए। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए और प्रस्तावित बैठक के समय व स्थान की आवश्यक अनुमति समय रहते सही तरीके से ली जानी चाहिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित बैठक के स्थान पर यदि कोई प्रतिबंधात्मक या निषेधात्मक आदेश लागू है तो उन आदेशों का सम्मान किया जाना चाहिए। इसी प्रकार, प्रस्तावित बैठकों के लिए लाउडस्पीकर या ऐसी किसी अन्य सुविधा के उपयोग के लिए अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए और बैठकों में गड़बड़ी या अव्यवस्था पैदा करने वाले व्यक्तियों से निपटने में पुलिस सहायता प्राप्त की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि किसी भी जुलूस को शुरू करने और समाप्त करने के समय व स्थान तथा मार्ग को अग्रिम रूप से फाइनल किया जाना चाहिए और पुलिस अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी चाहिए। यह अवश्य ध्यान रखा जाए कि जुलूस का मार्ग यातायात को बाधित नहीं करना चाहिए।
शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी चुनाव अधिकारियों का करें सहयोग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मतदान सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दल और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा सभी चुनाव अधिकारियों को सहयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, चुनाव में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बैज या पहचान पत्र दिखाना होगा। मतदाताओं को जारी अनौपचारिक पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज पर होनी चाहिए, जिस पर पार्टी का कोई नाम और निशान या उम्मीदवार का नाम नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, प्रचार अभियान की अवधि के दौरान और मतदान के दिन वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। चुनाव के संचालन के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या को निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक, रिटर्निंग अधिकारी, जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट, मुख्य निर्वाचन अधिकारी या भारत निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि चुनाव के विभिन्न पहलुओं से संबंधित सभी मामलों में निर्वाचन आयोग या रिटर्निंग ऑफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश या दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाना चाहिए। चुनाव प्रचार अवधि के समाप्त होने के उपरांत, यदि कोई व्यक्ति, मतदाता या चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार या उम्मीदवार का चुनाव एजेंट नहीं है तो उस व्यक्ति को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ना होगा।

मतदाताओं की जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर नहीं की जा सकती कोई अपील

चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को क्या नहीं करना चाहिए, इसकी जानकारी देते हुए श्री पंकज अग्रवाल ने बताया कि किसी भी आधिकारिक काम को चुनाव प्रचार या चुनावी गतिविधियों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए और वित्तीय या अन्य किसी प्रकार का कोई प्रलोभन मतदाता को नहीं दिया जाना चाहिए। मतदाताओं की जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जानी चाहिए। इसके अलावा, ऐसी कोई ऐसी गतिविधि, जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ा सकती है या विभिन्न जातियों, समुदायों, धार्मिक और भाषायी समूहों के बीच आपसी द्वेष पैदा करती हो या तनाव पैदा करती हो, ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जानी चाहिए।

कैश लेन देन से बचें
श्री पंकज अग्रवाल ने बताया कि चुनाव की पवित्रता व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों को यह सलाह दी जाती है कि वे नकद लेन-देन से बचें और अपने उम्मीदवारों, एजेंट, कर्मियों और पदाधिकारियों को निर्देश दें कि चुनाव के दौरान वे बड़ी मात्रा में नगद राशि अपने साथ न रखें। इसके अलावा, अन्य राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों द्वारा आयोजित सार्वजनिक बैठकों या जुलूसों में बाधा नहीं डालनी चाहिए। अन्य राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा लगाए गए पोस्टरों को हटाना या विकृत नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वाहनों पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकरों का उपयोग नहीं होना चाहिए।
…………….

चुनाव परिणाम के बाद उम्मीदवारों को एक माह के भीतर जमा करना होगा अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा

तय समयावधि में खर्च का ब्यौरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए किया जा सकता है अयोग्य घोषित

चंडीगढ़, 26 अगस्त।
बिजेंद्र फौजदार.

हरियाणा में विधानसभा आम चुनाव- 2024 लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम आने के बाद एक माह के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्यौरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री पंकज अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार विधानसभा आम चुनाव के लिए प्रति उम्मीदवार चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को अलग से एक डायरी में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उम्मीदवार या राजनीतिक दलों द्वारा 10,000 रुपये से अधिक का चुनाव व्यय सभी स्थितियों में चुनाव के उद्देश्य से खोले गए उम्मीदवार के बैंक खाते से चेक या ड्राफ्ट या आरटीजीएस/एनईएफटी या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक मोड द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जैसे ही विधानसभा आम चुनाव के परिणाम घोषित होंगे, उस तिथि से एक माह के अंदर-अंदर उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा देना अनिवार्य है।

prharyana.gov.in

By HUWeb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *